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कोसी प्रमंडल (बिहार) से प्रकाशित इस प्रथम दैनिक ई. अखबार में आपका स्वागत है,भारत एवं विश्व भर में फैले यहाँ के तमाम लोगों के लिए यहाँ की सूचना का एक सशक्त माध्यम हम बनें, यही प्रयास है हमारा, आपका सहयोग आपेक्षित है... - सम्पादक

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रविवार

होली विशेष- चढते फगुनवा


होली की शुभकामनाओं सहित आरा, भोजपुर से गायत्री सहाय जी द्वारा दूरभाष पर लिखाया गया यह विशेष गीत ’कोसी खबर के पाठकों के लिए-



 बगिया भइल कचनार
 ऐ गोइयां चढ़ते फगुनवा
चम्पा भी खिले, चमेली भी खिले 
खिल गइल केदली गुलाब
ऐ गोइयां.....

झड़के पवनवा सतावेला मदनवा 
अखिया भइले रतनार
                                                                                    
  ऐ गोइयां........

- गायत्री सहाय. संकट मोचन नगर, आरा, मोबाइल-09431070355.

मंगलमय होली...!

शुक्रवार

एक बेहतरीन खलनायक का दुखद अंत...




थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़ से साभार
१९ फरवरी 2010
एक बेहतरीन खलनायक का असमय दुखद अंत हो गया। जी हां बात कर रहे हैं जाने मान चरित्र अभिनेता निर्मल पांडे की। यह उनके अभिनय का कमाल है कि लोग उन्हें गरियाते रहते थे। किसी भी चरित्र को निर्मल उसमें जान फूंक देते थे। यही कारण था कि वे पर्दे पर जिस चरिकत्र को जीवंत रूप देते थे दर्शक उनके अभिनय को जमकर प्रशंसा करते थे।

किसी खलनायक की अभिनय को दर्शक देखकर उसे जितना गरियाते हैं, उस अभिनेता की उतनी सफलता मानी जाती है। 48 वर्षीय निर्मल पांडे का निधन दिल का दौरा पड़ने से हो गया। निधन उनका उस समय रास्ते में हुआ जब लोग उन्हें अंधेरी स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराने ले जा रहे थे। निर्मल ने अनेक फिल्मों में जीवंत अभिनय करके एक सफल अभिनेता की छवि बनायी। गॉडमदर, ट्रेन टू पाकिस्तान, इस रात की सुबह नहीं, दायरा, और बैंडिट क्वीन में गजब की अभिनय की थी। निर्मल ने अभिनय की कला देश की सबसे प्रतिष्ठित संस्था दिल्ली स्थित राष्ट्रीय नाट्य अकादमी से सीखी थी।

अपने अभिनय से उन्होंने देश विदेश में भी खूब नाम कमाया। दायरा फिल्म के लिए उन्हें फ्रांस में फिल्म महोत्सव में पुरस्कृत किया गया। 1994 में शेखर कपूर की फिल्म बैंडिट क्वीन में विक्रम मल्लाह की भूमिका करके खूब वाहवाही लूटी। वर्ष 1996 में दायरा फिल्म में एक हिजडे की भूमिका आज भी लोगों की जेहन में है।

गुरुवार

20 को बाबा रामदेव मधेपुरा एवं 21 फरवरी को गायिका कविता कृष्णमूर्ति सहरसा में





कोसी क्षेत्र में दो नामचीन हस्तियों के आगमन की धोषणा से लोगों में उत्साह  का नजारा दिख रहा है। योगगुरू बाबा रामदेव जी महराज के 20 फरवरी को मधेपुरा आगमन की तैयारी परवान पर है जगह-जगह तोरण द्वार बनाये जा रहे हैं और लोगों में खुशी का माहौल दिख रहा है। उत्साह का नजारा सहरसा में ‘कोसी महोत्सव’ को लेकर भी दिख रहा है जहाँ अन्य कार्यक्रम के अलावे पार्श्व गायिका कविता कृष्णमूर्ति अपना जलवा बिखेरेंगी, प्यार झुकता नहीं, मि. इंडिया, देवदास सदृश्य फिल्मों में गये इनके गीत कोसी क्षेत्र के लोग बिल्कुल सामने गायिका की मुख से  सुन सकेंगे।

मंगलवार

डाक्यूमेंट्री फिल्म ‘जय बाबा सिंहेश्वरनाथ’ प्रदर्शित





कोसी क्षेत्र के प्रसिद्ध शैव तीर्थ स्थल सिंहेश्वर स्थान पर आधारित हिन्दी डाक्यूमेंट्री फिल्म ‘जय बाबा सिंहेश्वरनाथ’ को प्रदर्शित किया गया। इस फिल्म में ऋष्य श्रृंग द्वारा स्थापित शिवलिंङ का सम्पूर्ण इतिहास दिया गया है। गीतकार श्री निरंजनसेन द्वारा लिखित चार भजनों को सोनोटेक स्टूडियो जबलपुर में रेकार्डिंग किया गया है। गायक श्री शरद मल्लिक ने अपनी भावपूर्ण स्वर में बाबा सिंहेश्वर की महिमा को प्रभावशाली ढंग से बखान किया है। फिल्म की शूटिंग मधेपुरा जिला के सिंहेश्वर एवं कटिहार जिले के कुछ हिस्से में की गयी है। गानों का फिल्मांकन मध्यप्रदेश के सुरम्य स्थलों पर जबलपुर सहित कई शहरों में किया गया है। फिल्म में कैमरा संचालन श्री रवि मल्लिक ने किया है। फिल्म के निर्माता, निर्देशक डा. अनिल कुमार( मोबाइल-08002038520) ने बताया कि- उक्त डाक्यूमेंट्री फिल्म से देश के अन्य भाग के लोग भगवान महादेव के इस पावन तीर्थ स्थल की जानकारी मिलेगी एवं कोशी क्षेत्र का यह उपेक्षित शिवधाम राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएगा। कोसी क्षेत्र में इस फिल्म की व्यापक चर्चा है।

सोमवार

ऐतिहासिक सिंहेश्वर मेले का शुभारम्भ




ऐतिहासिक सिंहेश्वर मेले का उदघाटन करते हुए मधेपुरा के जिला पदाधिकारी श्री वीरेन्द्र प्र. यादव ने कहा कि यह मेला एक धरोहर है, हमारी सभ्यता और संस्कृति को जीवंत रखने का। उद्धाटन के अवसर पर उन्होंने सिंहेश्वर मंदिर से संबन्धित वेबसाइट का भी शुभारम्भ किया एवं मंदिर से संबन्धित डाक्यूमेंट्री फिल्म को  वेबसाइट में डालने की बात कही। उक्त अवसर पर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार सिंह ने कहा कि मेले की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक चौबंद है एवं 600 पुलिस कर्मियों को मेला स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था हेतु तैनात किया गया है। मधेपुरा के अनुमंडल पदाधिकारी श्री गोपाल मीणा के आह्वान पर सिंहेश्वर के प्रसिद्ध समाजसेवी नित्यानंद सिंह ने यह धोषणा किया कि ‘शिवगंगा तालाब’ के दोनो ओर विराट धर्मशाला का निर्माण करायेंगे जिसके लिए वित्त की व्यवस्था उनके भाई अमरीका निवासी श्री अद्यानन्द सिंह करेंगे। वर्ष 2010 का यह मेला पूरे धूमधाम से प्रारम्भ हुआ। इस बार तीन थिएटर, सर्कस सहित विभिन्न विभागों के अपने-अपने स्टाल लगे हैं। कृषि एवं मत्स्य विभाग की प्रदर्शनी पर विशेष भीड. दिख रही है।
-अनिल कुमार

गुरुवार

कोसी क्षेत्र में मैथिली मेगा सीरियल ‘चौबटिया’ का शूटिंग सम्पन्न

संस्कृति फिल्म के बैनर तले बन रही मैथिली का मेगा सीरियल ‘चौबटिया’ का 27 दिनों का शूटिंग कार्यक्रम सहरसा में सम्पन्न हुआ। सहरसा जिले के किसलय कृष्ण इस सीरियल के कथा-पटकथा लेखक एवं निर्देशक हैं। महुआ चैनल पर सम्भवतः मार्च के प्रथम सप्ताह से 52 एपिसोडों का यह सीरियल दिखाया जाना प्रारम्भ होगा। मैथिली-हिन्दी के कवि अरविन्द ठाकुर, सुपौल (09431091548) ने बताया कि उन्होंने इस सीरियल में मंत्री गिरधारी प्रसाद का महत्वपूर्ण रोल किया है। सहरसा के विधायक संजीव झा इसमें विरोधी दल के नेता पाण्डेय जी की भूमिका में हैं। बनगांव एवं सहरसा जिला मुख्यालय के विभिन्न स्थलों पर पिछले एक सप्ताह से शूटिंग हुई। निर्माता निरंजन पांडे, एपिसोड निर्देशक कुमार आशीष और कैमरामैन भूषण यादव हैं। निर्देशक के अनुसार अभी तक 13 एपिसोड की शूटिंग पूरी की जा चुकी है।
यह सीरियल मैथिली की महत्वाकांक्षी योजना है क्यों कि पिछले दिनों दूरदर्शन पर दिखाये गये मैथिली सीरियल के बाद यह दूसरा सीरियल है और मैथिली भाषा के संवर्द्धन हेतु यह प्रशंसनीय कार्य है।

सोमवार

कोसी में समाजवाद का परचम लहराने वाले भूपेन्द्र नारायण मंडल, जिनकी आज है जयन्ती-



कोसी की धरती पर समाजवादी विचारधारा का जन्म बीसवीं सदी के पाँचवे दशक के मध्य में हो चुका था। काँग्रेस समाजवादी पार्टी के संयोजक जयप्रकाश नारायण तथा मुखर प्रवक्ता डा. राममनोहर लोहिया ने कोसी क्षेत्र में कई जनसभाओं को सम्बोधित किया था, जिसने यहाँ के जनमानस को समाजवादी विचारधारा को समझने के अनेक अवसर प्राप्त हुए। 1945 ई’. में भूपेन्द्र नारायण मंडल की अध्यक्षता में भागलपुर जिला काँग्रेस समाजवादी दल का गठन किया गया। शीध्र ही इस क्षेत्र के बुद्धिजीवी, किसान,मजदूर सारे लोग इस दल की ओर आकृष्ट होने लगे। किसी न किसी रूप में यह विचार धारा यहाँ आजतक प्रवाहित है। समाजवाद भूपेन्द्र नारायण मंडल के जीवन का एक महान आदर्शोन्मुख संकल्प था। उन्होंने बैलगाड़ी से सम्पूर्ण क्षेत्र में घूम-घूम कर गहन जनसम्पर्क किया और गाँव-गाँव में समाजवाद के ध्वज को फहराया। वे शील, सादगी और विनम्रता की प्रतिमूर्ति थे। मधेपुरा में स्थापित भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविधालय उनके यशस्वी जीवन की गौरवोज्जवल गाथा का प्रतीक है। भूपेन्द्र नारायण मंडल जीवित नहीं हैं, किन्तु उनका समाजवाद किसी न किसी रूप में इस धरती पर स्थापित है। 
कोसी के इस महान सपूत को आज 1 फरवरी, उनके जन्मदिन पर  कोसी खबर परिवार की ओर से सादर प्रणाम निवेदित है।