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कोसी प्रमंडल (बिहार) से प्रकाशित इस प्रथम दैनिक ई. अखबार में आपका स्वागत है,भारत एवं विश्व भर में फैले यहाँ के तमाम लोगों के लिए यहाँ की सूचना का एक सशक्त माध्यम हम बनें, यही प्रयास है हमारा, आपका सहयोग आपेक्षित है... - सम्पादक

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मंगलवार

मैथिली कथा गोष्ठी ‘सगर राति दीप जरय’ का 72 वाँ आयोजन


मैथिली की त्रैमासिक कथा गोष्ठी ‘सगर राति दीप जरय’ का 72 वाँ आयोजन 4 दिसम्बर 2010 को सुपौल के व्यपार संध में होगा । इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर के मैथिली कथाकार अपनी-अपनी कहानियों का पाठ करेंगे एवं विद्वान समीक्षकों द्वारा इनकी कहानियों पर चर्चा-परिचर्चा की जायेगी।
 ‘विप्लव फाउण्डेशन’ एवं प्रलेस सुपौल के संयुक्त बैनर तले आयोजित यह कथा गोष्ठी रात भर चलेगी। ज्ञातव्य है कि प्रत्येक तीन माह पर आयोजित होने वाली यह गोष्ठी 1990 से प्रारम्भ हो कर पिछले 20 वर्षों से अनवरत आयोजित हो रही है और इस प्रकार यह आयोजन भारतीय भाषा साहित्य में एक इतिहास रच रही है। इस आयोजन में भारत एवं दूसरे देशों के रचनाकारों की भी सहभागिता होती है। 72 वें आयोजन के संयोजक - अरविन्द ठाकुर ने बताया कि सुपौल में इस कथा गोष्ठी का चौथा आयोजन है इसमें मैथिली भाषा के सम्मानित कथाकार अपनी कथा का पाठ करेंगे एवं विद्वान समालोचकों द्वारा पठित कथा पर चर्चा-परिचर्चा की जायेगी। इस अवसर पर पुस्तक-पत्रिकाओं की प्रदर्शनी एवं लाकार्पण का भी आयोजन है। कार्यक्रम संयोजक- अरविन्द ठाकुर, सुपौल, मोबाइल- 09431091548

शनिवार

अफसरों ने दिलाया नीतीश को जनादेश : लवली आनंद


पूर्व सांसद कांग्रेस नेत्री लवली आनंद ने नीतीश सरकार को मिले जनादेश को अफसरों की करामात करार देते हुए कहा कि आलमनगर विधानसभा से चुनाव में हुई उनकी हार मतदान में बरती गयी धांधली का नतीजा है। वे इस धांधली के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटायेंगी। श्रीमती आनंद ने कहा कि चुनाव पूर्व से ही आलमनगर में अधिकारियों का रवैया पक्षपातपूर्ण रहा। चुनाव के दौरान उन लोगों को हेलीकाप्टर उतारने के लिए चयनित सभा स्थलों की सूची दी गयी थी, लेकिन जदयू राष्ट्रीय अध्यक्ष का हेलीकाप्टर कई अचयनित स्थलों पर उतरने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
श्रीमती आनंद शनिवार को गंगजला स्थित अपने आवास पर संवाददाता को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि 70 आलमनगर विस क्षेत्र में किसी भी उम्मीदवार या उसके चुनाव अभिकत्र्ता को चुनाव पूर्व इवीएम का सीयू (कंट्रोल यूनिट) और बीयू (बैलेट यूनिट) नंबर उपलब्ध नहीं कराया गया, जबकि नियमत: निर्वाची पदाधिकारी पर्यवेक्षक की उपस्थिति में सिलींग के बाद बूथों पर भेजे जाने वाले सीयू और बीयू नंबर की सूची उपलब्ध कराना चाहिए। इसके अलावा मतदान बार पोलिंग एजेंटों के मांग के बाद भी पीठासीन पदाधिकारियों द्वारा फार्म सी नहीं दिया गया और एजेन्ट द्वारा जोर देने पर सादा कागज पर मतदान का डिटेल्स लिखकर दिया जाना भी चुनाव में हुए धांधली को दर्शाता है। इतना ही नहीं स्ट्रांग रूम के दरवाजे पर प्रत्याशियों द्वारा हस्ताक्षरित कागज का फटा रहना, इवीएम के सील का टूटा होना व इवीएम पर पीठासीन व एजेन्टों के अलग-अलग हस्ताक्षर यह जताता है कि यह जनादेश अफसरों की करामात है। उन्होंने कहा कि आलमनगर में उनकी जीत सुनिश्चित थी लेकिन जिस प्रत्याशी ने आज तक के चुनाव में 42 हजार वोट नहीं लाया था, उसे 42 हजार मतों से विजयी बना दिया गया। वे इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगी। इस मौके पर पूर्व मुखिया बीरेन्द्र सिंह, सहरसा से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे नीरज गुप्ता मौजूद थे।                                                        जागरण प्रतिनिधि, सहरसा.

गुरुवार

कोसी क्षेत्र में बाहुबली क्षत्रपों के दुर्ग ढहे, दबंगों का सूपड़ा साफ !



 राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को मिले ऐतिहासिक जनादेश में कोसी क्षेत्र की भागीदारी भी दमदार रही। इस अभूतपुर्व सफलता के बीच कोसी क्षेत्र के दबंगों को मुह की खानी पड़ी। कांग्रेस के दबंग द्वय पप्पु यादव और आनन्द मोहन की पत्नियों को मतदाताओं ने खारिज कर दिया। बिहारीगंज से रंजीत रंजन (कांग्रेस) 11885 मत प्राप्त कर तीसरे स्थान पर रही। आलमनगर से लवली आनंद (कांग्रेस) 22622 मत प्राप्त किये जबकि वहीं से नरेन्द्र ना. यादव (जदयू) 64967 मत से जीत का सेहरा बांधा। कोसी क्षेत्र से एक अन्य चर्चित शख्सियत कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष महबूब अली कैसर की सिमरी बख्तियारपुर में शर्मनाक हार हुई। राहुल गांधी का तिलस्म बुरी तरह पिटा, कैसर दूसरे स्थान पर रहे। वहां भी जदयू के डा. अरुण कुमार ने 57,980 मत प्राप्त कर विजय श्री प्राप्त किया।      

बुधवार

फणीश्वरनाथ ‘रेणु’ के नाम फारबिसगंज कालेज



बी.एन. मंडल विश्वविधालय, मधेपुरा के कुलपति डा. आर.पी. श्रीवास्तव द्वारा विश्वविधालय परिसर में कालजयी रचनाकार एवं कथा शिल्पी फणीश्वर नाथ ‘रेणु’ पर दो दिवसीय ( 26 व 27 नवम्बर ) राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित किये जाने के बावत कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन, मधेपुरा के अध्यक्ष हरिशंकर श्रीवास्तव ‘शलभ’ एवं सम्मेलन के सचिव डा. भूपेन्द्र नारायण यादव ‘मधेपुरी’ सहित साहित्यकार डा. विनय कुमार चैधरी, डा. सिद्धेश्वर काश्यप, डा. श्यामल किशोर यादव, डा. शान्ति यादव, डा. आलोक कुमार, दशरथ प्रसाद सिंह, गिरिधर चांद, उल्लास मुखर्जी, राजू भैया, सियाराम यादव ‘मयंक’, इंदुबाला सिन्हा आदि ने कुलपति डा. श्रीवास्तव के प्रति आभार व्यक्त किया एवं शुभकामनाएं दी।
सम्मेलन के सचिव डा. मधेपुरी ने कुलपति महोदय से विनम्रतापूर्वक अनुरोध किया कि रेणु जी जैसे कालजयी रचनाकार के नाम को फारबिसगंज काॅलेज के साथ जोड़ कर ऐसे अवसर पर सम्मानित किया जाना सर्वथा उचित होगा। डा. मधेपुरी ने विश्वविधालय सिंडिकेट के पूर्व निर्णय का खुलासा करते हुए कहा कि 4 मई 1999 के सिंडिकेट की बैठक में तत्कालीन कुलपति डा. जयकृष्ण प्रसाद यादव की अध्यक्षता में स्थानीय कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन के सचिव डा. मधेपुरी द्वारा नामाकरण के बावत सम्मेलन में पारित प्रस्ताव को तत्कालीन अभिषद सदस्य डा. आर.एन. मंडल से निवेदन कर अभिषद के समक्ष उपस्थापित किया गया था। विचारोपरान्त सर्वसम्मत निर्णय लेते हुए सिंडिकेट ने फारबिसगंज काॅलेज का नाम ‘फणीश्वर नाथ ‘रेणु’ फारविसगंज कालेज’ रखने का निर्णय लिया था। ऐसे सर्वसम्मत निर्णय के कार्यान्वयन का इससे बेहतर अवसर और क्या हो सकता है ?

मंगलवार

जलद घिरे आकाश - सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक



ह सुबोध कुमार सुधाकर (सं.- क्षणदा) की त्वरित प्रकाशित पुस्तक है। इसमें 25 भिन्न-भिन्न शीर्षकों में दोहा विधा में लिखी गयी कविताएँ है कवि सुबोध कोसी अंचल के एक वरिष्ठ गीतकार हैं और इनके अनेक गीत ग्रंथ प्रकाशित होकर पाठकों में समादृत हो चुके हैं।
कवि की विपुल सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक हैं ‘जलद घिरे आकाश’ के दोहे।इनमें मानवीय जीवन के नवीन मूल्यों की लाक्षणिक भाषा में अभिव्यक्ति हुई है। इनमें व्यक्त आध्यात्मिक अनुभूति, मानवतावादी विचारधारा तथा वैयक्तिक चिंतन और मार्मिक अनुभूति, प्रकृति का मानवीकरण तथा सौंदर्य चित्रण पाठकों को सहज ही आकर्षित कर लेते है। कवि की निजी अनुभूतियों का व्यक्तीकरण जहाँ- जहाँ प्रकृति के माध्यम से किया गया है वह बड़ा ही सजीव, सटीक और सार्थक है। इस दोहाकार ने प्रकृति की प्रत्येक विस्मयोत्पादक छवि को सामान्य पाठकों के लिए सरल, सुगम्य एवं सुबोध बना दिया है। इन दोहों में केवल प्रकृति का सौन्दर्य ही नहीं है- तीखा व्यंग्य है, युगबोध भी है और युगधर्म हुंकारता है। - हरिशंकर श्रीवास्तव ‘शलभ’ 

सम्पर्कः- सुबोध कुमार ‘सुधाकर’
संपादकः ‘क्षणदा’ (त्रैमासिक),
प्रभा प्रकाशन, त्रिवेणीगंज - 852139़, सुपौल (बिहार)
मोबाइल- 09430633647. फोन- 06477 220126

रविवार

स्वामी रामदेव 7- 8 दिसम्बर को कोसी प्रमंडल में करेंगे सभाएं



योग गुरू बाबा रामदेव 7-8 दिसम्बर को कोसी क्षेत्र में कई समारोहों को 
सम्बोधित करेंगे। पतंजलि योग समिति एवं भारत स्वाभिमान न्यास इकाई के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रमों की सूचना देते हुए जिलाध्यक्ष चन्द्रश्वरी प्रसाद ने बताया कि स्वामी जी के आगमन की सूचना जन-जन तक पहुँचाने के लिए प्रचार-रथ से सहरसा के विभिन्न प्रखण्डों में सम्पर्क अभियान चलाया जा रहा है, यह भ्रमण जिले के 450 गांव में किया जा रहा है।
स्वामी रामदेव 7 दिसम्बर की सुबह 5.00 से 7.30 तक सहरसा के पटेल मैदान में शिविर को सम्बोधित करेंगे, 8.00 बजे के पश्चात कार्यकर्ताओं एवं पत्रकारों को सम्बोधित करेंगे। दोपहर 1.30 बजे सौर प्रखण्ड के अन्दौली ग्राम, जिसे समिति द्वारा आदर्श ग्राम धोषित किया गया है वहाँ स्वामी जी का व्याख्यान होगा साथ ही बैजनाथपुर में जनसभा को सम्बोधित करेंगे।
8 दिसम्बर को सुपौल जिला के सुखपुर गांव में योग शिविर के पश्चात नुनुपट्टी, बलहा, परसरमा एवं मलहनी में जनसभा को संबोधित करते हुए सुपौल जाएंगे। 


शुक्रवार

रेलवे की उदासीनता से यात्री हलकान


कोसी क्षेत्र को शेष बिहार व देश से जोड़ने वाली प्रमुख सड़क सेतु ‘डुमरी पुल’ पर वाहनों का परिचालन बंद हो जाने तथा कोसी प्रमंडलीय मुख्यालय के सहरसा जं. पर ट्रेनों की संख्या नगण्य होने से क्षेत्र के यात्री परेशान हैं। पर्व-त्योहार में यात्रियों की बढ़ी भीड़ ने मुश्किलें और भी बढ़ा दी है। स्मरण रहे कि मधेपुरा और सुपौल जिले से बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता सहरसा हो कर गुजरता है। तीन जिलों की बड़ी आबादी के लिए 24 घंटों में मात्र दो ट्रेनें हैं जो राजधानी पटना के लिए खुलती है, सुबह 5.10 में कोसी एक्सप्रेस और दोपहर 12. 50 में इन्टरसिटी एक्स. जिनमें भेड.-बकरियों की तरह लदकर यात्री सफर तय करते हैं साथ ही ट्रेन की लेटलतीफी का आलम यह है कि मात्र 218 किलोमीटर दूर पटना पहुँचने में 8 घंटे से अधिक का वक्त लगता है, ऐसे में रोगी-मरीज व आकस्मिक दुर्धटना के शिकार व्यक्ति इलाज के अभाव में असमय दम तोड़ने को अभिशप्त होते हैं।
मधेपुरा के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता डा. भूपेन्द्र नारायण यादव ‘मधेपुरी’ ने बताया कि मधेपुरा के महान मतदाताओं की बदौलत लालू प्रसाद 2004 से 2009 तक रेलमंत्री रहकर अपनी कथित उपलब्धियों का डंका पीटते रहे, उसी मधेपुरा की जनता तरस रही है कि उन्हें कोई ऐसी ट्रेन नसीब होती जिससे यहाँ के लोग सीधे पटना पहुँच पाते। मुरलीगंज का रास्ता अब भी अवरूद्ध है, लालू के पुनः मुख्यमंत्री बनने पर रेल की तरह बिहार चमकाने की बात बिल्कुल धोखा है। कोसी क्षेत्र में रेल विकास रुके रहने से आम जनता क्षुब्ध है, आक्रोशित है।

जल विहीन मत्स्यगंधा में छठ व्रतियों को परेशानी



हरसा के प्रमुख पर्यटन सह धार्मिक स्थल मत्स्यगंधा स्थित झील साफ-सफाई और रख रखाव के अभाव में महज एक बड़े गड्ढे में तब्दील हो कर रह गयी है। कमोवेश सहरसा के सभी तालाब एवं पोखरों में गंदगी और कूड़े भरते जा रहे हैं। मत्स्य विभाग और प्रशासनिक उदासीनता का आलम यह है कि व्यवहार न्यायालय के सामने एवं विकास आयुक्त कार्यालय के पीछे स्थित मत्स्य विभाग के तालाब के आसपास जंगल-झाड़, मल-मूत्र बिखड़े पड़े हैं, तालाब में पानी का आभाव है। शहर के मुख्य जलाशयों में - शंकर चौक (मंदिर परिसर) स्थित तालाब, मसोमात पोखर, गांधी पथ स्थित तालाब, पासवान टोला और बस्ती स्थित तालाबों के घाट पर आमजन अपने स्तर से सफाई और सजावट की व्यवस्था कर रहे हैं।

मंगलवार

राजद के झांसे में नहीं आने का सुझाव - डा. रवि



धेपुरा के पूर्व सांसद एवं वर्तमान में विधान सभा से जदयू प्रत्याशी डा. रमेन्द्र कुमार यादव ‘रवि’ ने कहा कि बिहार की जनता चाहती है कि बिहार में विकास पुरुष नीतीश कुमार और सुशील मोदी की सरकार पुनः बने और बचे हुए कार्यों को मुस्तैदी से पूरा करे। राजद के अनर्गल प्रलाप को खारिज करते हुए डा. रवि ने कहा कि अधजल गगरी छलकत जाय, भरी गगरिया चुप्पे जाय । 
इस अवसर पर डा. योगेन्द्र प्रसाद यादव, डा. मधेपुरी, रमण कुमार सिंह आदि उपस्थित थे।

मधेपुरा में मनायी गई देश के बारहवें राष्ट्रपति डा. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की 79 वीं जन्म जयन्ती।

डा. ए.पी.जे अब्दुल कलाम को अपनी पुस्तक ‘स्वप्न, स्वप्न, स्वप्न’ की पांडुलिपि भेंट करते डा.भूपेन्द्र ‘मधेपुरी’ एवं डा. अरुण कुमार
तिवारी।

धेपुरा के ‘वृन्दावन’ परिसर में भारत के बारहवें राष्ट्रपति डा. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की 79 वीं जन्म जयन्ती मनायी गई। इस अवसर पर उपस्थित वरिष्ट साहित्यकार एवं कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अघ्यक्ष हरिशंकर श्रीवास्तव ‘शलभ’ ने कहा कि भारत में अक्टूबर एतिहासिक महत्व का महीना है, क्योकि इसी महीने में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं ‘जय जवान, जय किसान’ के उद्धोषक प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर को हुआ। और वैज्ञानिक द्वव भारत के बारहवें राष्ट्रपति भारत रत्न डा.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर एवं महान वैज्ञानिक डा. होमी जहांगीर भाभा का जन्म दिन 30 अक्टूबर को। ऐसे महापुरुषों को स्मरण कर उन्होंने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
डा. भूपेन्द्र नारायण यादव ‘मधेपुरी’ ने भारत रत्न डा. ए.पी.जे अब्दुल कलाम से अपने अविस्मरणीय मुलाकात को याद किया तथा उनकी लंबी आयु की कामना की।