gratis homepage uhr website clocks
कोसी प्रमंडल (बिहार) से प्रकाशित इस प्रथम दैनिक ई. अखबार में आपका स्वागत है,भारत एवं विश्व भर में फैले यहाँ के तमाम लोगों के लिए यहाँ की सूचना का एक सशक्त माध्यम हम बनें, यही प्रयास है हमारा, आपका सहयोग आपेक्षित है... - सम्पादक

Scrolling Text

Related Posts with Thumbnails

गुरुवार

मधेपुरा में उल्लास से मनाया गया भारत रत्न डा. कलाम का 80वाँ जन्मदिन


मधेपुरा-
शून्य से शिखर तक और रामेश्वरम् से राष्ट्रपति भवन तक पहुँचने वाले ‘गांधियन मिसाइल मैन’ भारत रत्न डा. ए पी जे अब्दुल कलाम का 80 वाँ जन्मदिवश, मधेपुरा के वृंदावन परिसर में, समाजसेवी-साहित्यकार डा. भूपेन्द्र मधेपुरी द्वारा बच्चों के बीच मिठाईयाँ बाँट मनाया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि - डा. कलाम भारतीय बच्चों की बेहतरी के लिए प्रतिदिन प्रेरणा स्त्रोत का काम करते रहेंगे। डा. कलाम ने मिसाइल मैन के रूप में देश की जो निःस्वार्थ सेवा की है वह एक अनुपम उदाहरण है। डा. मधेपुरी ने कहा कि केयर फाण्डेशन के चेयरमैन डा. अरुण कुमार तिवारी लिखित डा. कलाम की जीवनवृत ‘अग्नि की उड़ान’ भारतीय बच्चों के लिए पठनीय एवं संग्रहणीय है। इस अवसर पर इप्टा के सुभाष चन्द्र एवं अवकाशप्राप्त शिक्षक रामजी रजक ने कहा कि कलाम साहब को जानने के लिए डा. मधेपुरी लिखित ‘छोटा लक्ष्य बड़ा अपराध’ तथा ‘स्वप्न, स्वप्न और स्वप्न’ की पंक्तियों के बीच से हर किसी को एकबार अवश्य गुजरना चाहिए जिसका प्रत्येक पृष्ठ कल के भारत का आईना और प्रत्येक पंक्ति नई सुबह का श्लोक।
    इस अवसर पर तुलसी पब्लिक स्कूल के निदेशक - श्यामल कुमार, डा. रश्मि भारती, तथ रेणु चौधरी ने डा. कलाम के जीवन पर विशेष रूप से प्रकाश डाला और उपस्थित बच्चों में सोनम कुमारी, रिया कुमारी, रीतिका कुमारी, मनीषा, योगिता, सुकृति, अमर और हिमांशु आदि ने अपने प्रिय चाचा डा. कलाम के दीर्धायु जीवन के लिए कामना की।

रविवार

कोसी तीर के आलोक पुरुषों का बेशकीमती स्तवक - कोसी तीर के आलोक पुरुष !


कोसी क्षेत्र में ऐसे अनेक महापुरुषों ने जन्म लिया, जिन्होंने राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी गरिमामयी पहचान बनायी। इसमें स्वनामधन्य रासबिहारी लाल मंडल, शिवनन्दन प्रसाद मंडल, भूपेन्द्र नारायण मंडल, विन्ध्येश्वरी प्रसाद मंडल आदि के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर अनेक शोधात्मक कार्य हुए हैं। प्रत्येक वर्ष उनकी जयन्तियाँ भी ससमारोह मनायी जाती है। इनके अलावे भी इस क्षेत्र में ऐसे कई पुरुष-रत्न हुए हैं- जिन्हें अबतक प्रकाश में नहीं लाया जा सका है। कोसी क्षेत्र के अनुसंधाता एवं रचनाकार के लिए इस ग्रन्थ में संत शिरोमणि परमहंस लक्ष्मीनाथ गोस्वामी, कोसी तीर के विदेशी मूल के कवि संत जान क्रिश्चन, कोसी तीर के महान सांस्कृतिक पुरोधा पुलकित लाल दास ‘मधुर’, कोसी तीर के ‘दिनकर’ बलेन्द्र नारायण ठाकुर ‘विप्लव’, कोसी तीर के खुदाई खिदमतगार मोहम्मद कुदरतुल्लाह काजमी, कोसी तीर के ‘गांधी’ कमलेश्वरी प्रसाद मंडल और कोसी तीर के ‘जयप्रकाश’ कार्त्तिक प्रसाद सिंह जैसे आलोक -पुरुषों के योगदान का गवेष्णात्मक अध्याय के साथ समग्र मूल्यांकन किया गया है। लेखक श्री हरिशंकर श्रीवास्तव ‘शलभ’ का मानना है कि इन महान विभूतियों की असीम आलोक-गाथा से युगों तक यह क्षेत्र प्रभासमान होता रहेगा।
    यह पुस्तक कोसी क्षेत्र से जुड़े सभी शोधार्थी, रचनाकर्मी एवं सचेतन नागरिकों के लिए पठनीय एवं संग्रहनीय है।
पुस्तकः कोसी तीर के आलोक पुरुष / मूल्य- 150/ =
प्रकाशक- समीक्षा प्रकाशन, दिल्ली- 92.
प्राप्ति स्थान- कला कुटीर, अशेष मार्ग, मधेपुरा- 852113. (बिहार)
मोबाइल संपर्क - 9431080862. 9472495048.

शुक्रवार

मनचलों ने मचाया उत्पात, कई जगह हुई मारपीट / नम आंखों से दी गई मां दुर्गा को विदाई

सहरसा, दुर्गापूजा को लेकर प्रशासन की तमाम व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए मनचलों ने जमकर उत्पात मचाया। वहीं कई जगहों पर मारपीट होने की भी सूचना है। विजया दशमी की शाम से लेकर देर रात तक पूजा-पंडालों के ईद-गिर्द मनचलों ने महिलाओं, लड़कियों के साथ छेड़खानी का प्रयास किया। यही नहीं कुछ लड़कियों के जींस को भी ब्लेड से काट डाला। लोक लज्जा के कारण पुलिस तक इसकी शिकायत भी नहीं पहुंच पाई। वहीं वीर कुंवर सिंह चौक, बंगाली बाजार, पूरब बाजार सहित कई स्थानों पर नशे में घुत्त युवावर्ग आपस में ही टकराते रहे। बंगाली बाजार में एक होटल में शराब पीकर कुछ युवाओं ने जमकर बवाल किया।
नम आंखों से दी गई मां दुर्गा को विदाई
जिले में दुर्गापूजा गुरुवार को हर्षोल्लास के बीच संपन्न हुआ। पूजा पंडालों में स्थापित की गई मां दुर्गा की प्रतिमा को लोगों ने नम आंखों से विदाई दी। हालांकि कई पूजा पंडालों में अभी भी मां की प्रतिमा विराजमान है। इन पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं के आने-जाने का सिलसिला जारी है। बुराई पर अच्छाई के जीत का पर्व विजया दशमी पर श्रद्धालुओं ने लगातार नौ दिनों तक माता की पूजा-अर्चना कर सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की इस मौके मंगलवार से गुरुवार तक विभिन्न जगहों पर मेला एवं संगीत संध्या का भी आयोजन किया गया था। विजया दशमी के मौके पर पूर्वाचल दुर्गा मंदिर के सौजन्य से सहरसा कॉलेज में रावण वध किया गया। दशमी के दिन गुरुवार पड़ जाने के कारण प्रतिमा विसर्जित नहीं की गई। शुक्रवार को अहले सुबह से ही पुलिस की कड़ी चौकसी के बीच गाजे-बाजे के साथ प्रतिमा को विभिन्न तालाबों में विसर्जित कर दिया गया।
शक्तिपीठ में गायत्री महामंत्र के साथ संपन्न हुआ अनुष्ठान
 गायत्री शक्तिपीठ में विगत नौ दिनों से चली आ रही नवरात्रा का अनुष्ठान यज्ञ-हवन के साथ संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए शक्तिपीठ में 20 अतिरिक्त हवनकुंड स्थापित किए गए थे। (दैनिक जागरण)