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कोसी प्रमंडल (बिहार) से प्रकाशित इस प्रथम दैनिक ई. अखबार में आपका स्वागत है,भारत एवं विश्व भर में फैले यहाँ के तमाम लोगों के लिए यहाँ की सूचना का एक सशक्त माध्यम हम बनें, यही प्रयास है हमारा, आपका सहयोग आपेक्षित है... - सम्पादक

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मंगलवार

कवि सोमदेव को प्रबोध साहित्य सम्मान।

                        - सम्मान स्वरूप एक लाख की राशि और स्मारक।


मैथिली के प्रतिष्ठित कवि 76 वर्षीय सोमदेव को वर्ष 2011 के लिए प्रबोध सहित्य सम्मान दिए जाने की धोषणा स्वास्ति फाउन्डेशन की ओर से की गयी है। ज्ञातव्य है कि आचार्य सोमदेव इसके पूर्व साहित्य अकादमी द्वारा भी सम्मानित हो चुके हैं। चानोदाइ, होटल अनारकली (उपन्यास), चैरेवेति, काल ध्वनि, लाल एशिया, मेघदूत, सहस्त्रमुखी चैक पर, सोम सतसई जैसे काव्यग्रंथों के रचयिता सोमदेव साठ वर्षों से अनवरत साहित्य सेवा में रत हैं।
  1955 में मिथिला विश्वविधालय, दरभंगा से हिन्दी विभाग के उपाचार्य पद से निवृत होकर साहित्य साधना में निमग्न हैं। प्रबोध साहित्य सम्मान के रूप में उन्हें 19 फरवरी को पटना स्थित कालीदास रंगशाला में 1 लाख नगद और प्रतीक चिन्ह दिया जायेगा।
 प्रबोध सम्मान
प्रबोध सम्मान 2004- श्रीमति लिली रे (1933-) /प्रबोध सम्मान 2005- श्री महेन्द्र मलंगिया (1946-) /प्रबोध सम्मान 2006- श्री गोविन्द झा (1923-) /प्रबोध सम्मान 2007- श्री मायानन्द मिश्र (1934-) /प्रबोध सम्मान 2008- श्री मोहन भारद्वाज (1943-) /प्रबोध सम्मान 2009- श्री राजमोहन झा (1934-) /प्रबोध सम्मान 2010- श्री जीवकान्त (1936-) /प्रबोध सम्मान 2011- श्री सोमदेव (1934-)

गुरुवार

मौत से जूझ रहे हैं साहित्यकार तारानन्दन तरुण


कोसी अंचल के वयोवृद्ध साहित्यकार तथा ‘क्षणदा’ त्रैमासिक पत्रिका के प्रधान सम्पादक  भारती भूषण तारानन्दन ‘तरूण’ लगभग एक माह से अस्वस्थता की अवस्था में सिलीगुड़ी (पं.बंगाल) के क्लिनिक में पड़े-पड़े जीवन और मौत से जूझ रहें हैं। कमरे में फिसलकर गिर जाने के कारण पांव की हड्डी टूट  गई जिसका सफल आपरेशन तो सिलीगुड़ी में हुआ  बावजूद  इसके अशक्तता के कारण बिस्तर से उठने तथा चलने-फिरने से लाचार हैं। उनकी महत्वपूर्ण काव्य-पुस्तक ‘रेत के हासिए पर’ है। इस वयोवृद्ध साहित्यकार के लिए 
‘क्षणदा’ परिवार उनके शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना करता है। 
-सुबोध कुमार सुधाकर, सम्पादकः क्षणदा (त्रैमासिक)
प्रभा प्रकाशन, त्रिवेणीगंज, जिला-सुपौल,
 दूरभाषः 06477 220126 मो0: 9430633647

सोमवार

भ्रष्टाचारियों को सरेआम मिले मौत की सजा : बाबा रामदेव | कोसी क्षेत्र कल आ रहे हैं बाबा !



 योगगुरु बाबा रामदेव ने अमेरिका को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि वो विश्व की 5 बड़ी संस्थाओं पर एकाधिकार जमा पूरी दुनिया पर दादागिरी कर रहा है। उन्होंने कहा कि विदेशी चाचा व स्वदेशी चाचा मिलकर भारतीय लोकतंत्र का गला घोंट रहे हैं। बाबा आज बिहार के मधुबनी जिले में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। योगगुरु ने कहा कि देश की शीर्ष सत्ता पर बैठे लोग विदेशी षड्यंत्र के शिकार हो गए हैं। इसी कारण भारत जैसे महान देश में इतने घपले-घोटालों की ख़बरें आ रही हैं। बाबा ने भ्रष्टाचारियों को सजा-ए-मौत देने की अपनी बात भी दुहराई। कहा, कई देशो में सरेआम भ्रष्टाचारियों को मौत दी जाती है। यहां भी ऐसे नियम बनने चाहियें और उसका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। Source: भास्कर न्यूज़.  
 स्वामी रामदेव कल  से कोसी क्षेत्र की यात्रा पर सहरसा पहुंच रहे हैं। वे सहरसा एवं सुपौल के कई सभाओं को सम्बोधित करेंगे...।

शनिवार

‘अंगप्रदेश की प्रतिनिधि हिन्दी कविताएं’



ह अंगप्रदेश के 22 कवियों की कविताओं का संकलन है। ये कवि हिन्दी काव्य-जगत में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहे हैं । संग्रह के माध्यम से संपादक चन्द्रप्रकाश जगप्रिय ने विशाल अंग क्षेत्र के कवियों की संवेदनाओं और वैचारिकता की बतौर एक चादर बुन दिया है। अंग-भूमि से ही हिन्दी कविता की नींव सरहपाद ने डाली थी। वे हिन्दी के पहले कवि थे। रामधारी सिंह दिनकर, रामेश्वर झा द्विजेन्द्र, श्यामसुन्दर घोष, मधुकर गंगाधर, और कुमार विमल आदि अंग क्षेत्र से कालजयी कृतियों के सृजनकर्ता रहे हैं। इनके ऐतिहासिक योगदान से हिन्दी साहित्य समलंकृत हुआ है। इस संग्रह में जिन बाइस कवियों को सम्मलित किया गया है वे हैं - डा. नंद किशोर, डा. कुमार विमल, डा. दिनेश्वर प्रसाद, डा. मनमोहन मिश्र, डा. सकलदेव शर्मा, विनय अश्म, हेना चक्रवर्ती, डा. विद्या रानी, डा. मृदुला शुक्ला, उत्तम पीयूष, अरविन्द श्रीवास्तव, डा. आभा पूर्वे, डा. मधुसूदन साहा, साथी सुरेश ‘सूर्य’, माधुरी जायसवाल, जनार्दन यादव, मीना शिखा, डा. मनाजिर आशिक हरगानवी, डा. अमरेन्द्र, नवीन निकुंज, दिगम्बर प्रसाद सिंह और चन्द्रप्रकाश जगप्रिय हैं।
 पुस्तक अंग क्षेत्र के सामर्थ समकालीन काव्य-लेखन का आइना दिखाता है। साज-सज्जा स्तरीय है। संग्रह में लेखक का परिचय नहीं है तो क्या हुआ सम्पादक का संक्षिप्त परिचय दो पृष्ठों में अवश्य दिख जाता है। 

संपादकः चन्द्रप्रकाश जगप्रिय, पुलिस उपाधीक्षक, 
23ए/60 आफिसर्स फ्लैट, बेली रोड, पटना-1 मो. 09973880362
पुस्तक प्राप्ति हेतु - 09939451323 

कथाकार बच्चा यादव एवं कवि-लेखक भूपेन्द्र मधेपुरी के लिए स्वास्थ्य लाभ की कामना


धर कोसी क्षेत्र से दो दुखद खबरें सामने आयी हैं। कोसी क्षेत्र के चर्चित कथाकार बच्चा यादव (पूर्णिया) सड़क दुर्धटना में बुरी तरह घायल होकर सिलीगुड़ी अस्पताल में भर्ती हैं, वे ‘कोमा’ में चल रहे हैं। बच्चा यादव जी के सम्पादन में ‘कथा कोसी’ कहानी संग्रह ‘मुहिम’ त्रैमासिक पत्र का प्रकाशन हुआ है। उनकी रचनाएं जनसत्ता-सबरंग, समकालीन जनमत, अक्षर पर्व, परिकथा आदि पत्रिकाओं एवं आकाशवाणी से प्रसारित होती रही हैं।
दूसरी ओर कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन के सचिव डा. भूपेन्द्र  मधेपुरी हृदय रोग से पीडित होकर पटना के जीवक अस्पताल में भर्ती हैं। उनका ‘बायपास सर्जरी’ किया गया है। डा़ मधेपुरी के ‘छोटा लक्ष्य, बड़ा अपराध’, ‘दृष्टिकोण’ एवं ‘बूंद-बूंद सच एक सागर का’ चर्चित ग्रंथ हैं।
सम्प्रति कोसी क्षेत्र इन दोनो कलमकारों के स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।